प्रिय बंधू,
सादर प्रणाम ! अंग्रेजी कलैंडर का नया साल शुरू होने वाला है ! मेरे पास और आपके पास भी मोबाइल पर SMS लगातार आ रहे होंगे ! आप भी अपने प्रिय जनों को नए साल की बधाइयाँ भेज रहे होगे ! हम भारतियों का स्वाभाव है कि हम हर छोटी छोटी बात में ख़ुशी ढूंढने की कौशिश करते है ! इसी कारण अपने देश में हर बात का सम्बन्ध किसी न किसी त्योंहार से है ! अतः आज भी हमारे देश में सामाजिक ताना बना टुटा नहीं है ! आज भी 98 % लोग त्योंहारों पर अपने बंधू बांधवों के साथ खुशियाँ बाटना पसंद करते है ! मगर आज कल एक नयी परंपरा पैर पसार रही है...... अपने आप को और लोगो से ज्यादा आधुनिक और अलग दिखाने की मानसिकता !
परीणाम स्वरुप लोग अपने त्योंहार, रीति रिवाज और परम्पराएँ बिना किसी ठोस वजह के सिर्फ 'अपने आप को और लोगो से ज्यादा आधुनिक और अलग दिखाने की मानसिकता' के चलते छोड़ने लगे है ! आज नव संवत को नया साल मुबारक कहने का चलन नहीं है..... जो इस देश का, यहाँ के लोगो का नया साल है ! मगर जोर्जिया के कलेंडर के नए साल को लोग 'हैप्पी न्यू इयर ' कहना जयादा मुनासिब समझते है !
मै एक बात साफ़ करना चाहता हूँ कि मै अंग्रेजी कलेंडर के नए साल पर 'हैप्पी न्यू इयर' कहने का विरोधी नहीं हूँ ! परन्तु मै चाहता हूँ कि लोग नव संवत, हिज़री संवत और नानक शाही जैसे अन्य भारतीय संवतों की भी महत्ता समझे ! उनके नए साल पर भी एक दुसरे को बधाइयाँ भेजे, SMS करें और खुशियाँ मनाये ! यदि आप और हम ऐसा करेंगे तो शायद एक बेहतर समाज का निर्माण हम कर सकें ! आप यदि मेरे विचारों से सहमत नहीं है और उन्हें दुरुस्त करना चाहें तो आपका स्वागत है ! क्योंकि "PERFECTION IS THE NAME OF GOD !"
धन्यवाद !
आपका मित्र ......विकास जयदीप !

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